मैं रक्त रंग लाल सा,
तू पंखुड़ी गुलाब की।
मैं एक शीशा जाम का,
तू एक बोतल है शराब की।
मैं एक पन्ना गुरुर का,
तू एक प्यारी किताब सी।
मुझे आशियाने की तलाश थी,
तू दिखती है मेहराब सी।
Written by karan
मेहराब मतलब मज़ीद का दरवाजा जहाँ आपकी रूह पाक हो जाती है।
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